रविवार, 10 अगस्त 2008

जम्मू में शान्ति की उम्मीद टूटी

जम्मू/दिल्ली अमरनाथ भूमि हस्तांतरण को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के नेत्रत्व में जम्मू पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को तगड़ा झटका लगा। ४० दिन से आन्दोलन चला रहे अमरनाथ संघर्ष समिति के नेता एन.एन.वोहरा को हटाने और श्राइन बोर्ड को जमीं वापस करने की मांग पर अडे रहे। इससे बातचीत बेनतीजा समाप्त हो गई । समिति ने लडाई जरी रखने का फैसला किया है। इसी के साथ जम्मू की शान्ति की उम्मीद भी टूट गई। हालाँकि दोनों ही पक्षों दूसरे दौर को बातचीत पर सहमती जताई।
पाटिल ने समिति की मांगों पर विचार करने सा आश्वासन दिया लेकिन समिति ने आन्दोलन खत्म करने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपील को मानने से इंकार कर दिया । अमरनाथ संघर्ष समिति के संयोजक लिलाकरण शर्मा ने एक घंटे तक चली पहले दौर की वार्ता के बाद कहा की जम्मू में आन्दोलन जरी रहेगा। आज की बातचीत बेनतीजा रही और हम लोग दोबारा बातचीत करेंगे । उनहोंने कहा की वीके संकट को समाप्त करने के लिए कोई नया प्रस्ताव पेश नहीं किया गया।

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