उमड़ पड़ा जनसैलाब
साइनबोर्ड भूमि विवाद
आन्दोलन रोकने की केन्द्र की कोशिशों के बावजूद जम्मू में प्रदर्शन तेज
जम्मू/श्रीनगर अमरनाथ भूमि हस्तांतरण विवाद को सुलझाने के लिए दिल्ली में चल रही कोशिशों के बावजूद जम्मू क्षेत्र और घाटी में प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है । बुधवार को जम्मू शहर में घुसने को लिए बड़ी संख्या में आंदोलनकारी तवी नदी में घुस गए। जम्मू क्षेत्र में कई जगहों पर लोगों ने कर्फ्यू का उल्लंघन किया कठुआ में सुरक्षा बालों की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घाटी में भी तागातर तीसरे दिन जनजीवन अस्त_व्यस्त रहा।
जम्मू और कठुआ में पुलिस के साथ झड़प में १८ लोग घायल हो गए। इस बीच अमरनाथ साइनबोर्ड के आठ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया जिससे की जमींन हस्तांतरण के मुद्दे पर जारी हिंसा को देखते हुए बोर्ड सज पुनर्गठन हो सके । संशयों ने राज्यपाल एन.एन.वोहरा के उस संकेत के बाद इस्तीफा दिया है जिसमें उनहोंने कहा था की वह बोर्ड के अध्यक्ष पड़ से इस्तीफा देने के खिलाफ नहीं हैं । वहीं, अमरनाथ संघर्ष समिति ने कहा है की उसे साइनबोर्ड को १०० एकड़ जमींन के हस्तांतरण की रद करने वाले सरकारी आदेश को वापस लेने से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। जम्मू_पठानकोट राजमार्ग पर कठुआ से दस किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों ने सेना संरक्षण में कश्मीर जा रहे ट्रकों और सेना के वाहनों को रोक दिया। प्रदर्शनकारी सेना के वाहन पर पथराव करने लगे जिसके बाद जवानों की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हुर्रियत कांफ्रेस के सयैद अली शाह गिलानी वाले गुट ने जमींन हस्तांतरण को वापस लेने के आदेश को संभावित संसोधन करने से केन्द्र को रोकने के लिए घटी में बंद का आह्वान किया है। इस बीच जम्मू पठानकोट सेक्शन पर फिर से रेल सेवा बहल हो गई है।
सभी दलों ने की शान्ति बहाली को अपील
नई दिल्ली अमरनाथ साइनबोर्ड भूमि हस्तांतरण विवाद को लेकर विरोध की आग में झुलस रहे जम्मू को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कोई सर्वमान्य हल तो नहीं निकल सका लेकिन बैठक के थोडी देर बाद ही संघर्ष समिति से बैचित के लिए चार सदस्यीय समिति बना दी गई । इस बीच, सभी राजनितिक पार्टियों ने शान्ति बहाली की अपील की।
गृहमंत्री शिवराज पाटिल के मुताबिक बातचीत की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जायेगी दूसरी तरफ, कांग्रेस के अन्दर उठ रही मांग के बावजूद सरकार ने राज्यपाल एन.एन.वोहरा को हटाने की मांग नामंजूर कर दी। इस्थिति का जायजा लेने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग को भी केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सभी दल इस पर एक राय थे की अमरनाथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया कराइ राये।
जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली पीडीपी और नेशनल कांफ्रेस ने सुविधाओं की वकालत की। राजनितिक पार्टियों का कहना था की सांप्रदायिक सोहार्द के माहोल को बार्कर रखने के लिए जल्द से जल्द इस्थिति पर काबू पाया जाए। करीब चार घंटे चली सर्वदलीय बैठक में संसद में प्रतिनिधित्व करने वाली ३९ में से ३६ पार्टियों ने हिस्सा लिया ।
गुरुवार, 7 अगस्त 2008
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